गुस्ताखी माफ़
Sunday, April 13, 2014
भरोसे की चादर में लपेट कर ,
कुछ राज़ भेज रहा हूँ मैं,
सहेज कर रखना !
अपनी सारी विरासत भेज रहा हूँ मैं।
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